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बिल्डर माफिया के खिलाफ उत्तरी दिल्ली नगर निगम हुआ सख्त

नई दिल्ली: दुष्यंत ने लिखा था- कौन कहता है आसमान में सुराग हो नही सकता, एक पत्थर तो उछालो यारों। आखिर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व लगातार दैनिक इंडिया दर्पण में छाप रहे खबरों के बाद नींद से जग ही गया और निगमायुक्त ने बिल्डर माफियाओ के खिलाफ सख्त कार्यवाई का आदेश सभी जोन उपायुक्तो को दिया। स्थायी समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष राम कृष्ण सिंघल के सन्दर्भ में दैनिक इंडिया दर्पण ने लिखा था की निगम में सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व में श्री सिंघल की छवि एक इमानदार नेता की रही है, चर्चा है कि श्री सिंघल के निर्देश पर ही यह कठोर कदम उठाया गया है ताकि भाजपा कि हो रही छिछा लेदर को किसी तरह रोक जा सके। उत्तरी दिल्ली के आयुक्त पी.के. गुप्ता ने सभी क्षेत्रों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि उन अनाधिकृत निर्माणो को चिन्हित किया जाए जो भवन अधिनियम और मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन कर निर्मित किए जा रहे हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जल्द ही अन्य बड़े-बड़े अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की किरकिरी करा रहे करोलबाग के बिल्डर माफिया नगर निगम की हिट लिस्ट में आ गए हैं। नगर निगम उत्तरी के आयुक्त ने बिल्डर माफिया की कमर तोड़ने के आदेश जारी किए हैं। इसके चलते अवैध निर्माण के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में 27 संपत्तियों में अवैध निर्माण को तोड़ा गया तथा करोलबाग में चार संपत्तियां सील की गई हैं। 1नगर निगम उत्तरी द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए करोलबाग में 4 संपत्तियों को सील किया गया व रोहिणी क्षेत्र में 23 सम्पत्तियों में हो रहे अवैध निर्माण को तोड़ा गया। यह कार्रवाई क्षेत्रीय भवन विभाग द्वारा स्थानीय पुलिस की सहायता से की गई। भी शामिल है। इस इमारत में भूतल पर अवैध रूप से निर्मित की जा रही 10 दुकानों के शटर व छत तोड़ी गई। जिसके उपरान्त उस संपत्ति को भूतल पर 13 स्थानों पर सील किया गया। ये सभी इमारतें सील कर दी गई हैं। ये इमारतें उन बिल्डरों की हैं जो नगर निगम में ऊंची पहुंच रखते हैं। करोल बाग में निगम उपायुक्त रहे धर्मवीर वर्मा के समय में कोई अभियंता इन इमारतों की ओर आंख उठाकर भी नहीं देख सका था। पांच-पांच मंजिला अवैध इमारतें बन कर खड़ी हो चुकी थीं। इससे नगर निगम में काबिज भाजपा की छवि भी खराब हो रही थी।





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