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मशीन से निकले जायेंगे मलबे में दबे सैकड़ों शव, आज से बंटेगा मुआवजा

उत्तराखंड में कुदरत के कहर और भयानक त्रासदी के एक महीने बाद भी 5748 लापता लोगों का अब तक कोई पता नहीं चला. उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि लापता लोगों की तलाश जारी रहेगी और उन्हें फिलहाल मृत घोषित नहीं किया जाएगा. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि राज्य सरकार लापता लोगों के परिजनों को मुआवजा बांटना शुरू करेगी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि अगर 15 जुलाई तक लापता लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई तो उन्हें मृत घोषित कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के एक महीना गुजरने के बाद भी केदारनाथ में कई फीट ऊंची जमी गाद के नीचे अभी भी सैकड़ों की संख्या में मानव शव और मृत पशुओं के अस्थि-पंजर दबे हुए हैं. इन जीवन अवशेषों को निकालने के लिए अधिकारी अब मशीनों का उपयोग करेंगे. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुरिंदर सिंह नेगी ने सोमवार को बताया कि राज्य में बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में मलबे तले दबे शवों को निकालने के लिए मशीनों का उपयोग किया जाएगा. मंत्री ने बताया, मुंशियारी इलाके में रविवार को ही मशीनें उतारी जा चुकी हैं. मशीनें जल्द ही केदार घाटी में ले जाई जाएंगी. मुंशियारी केदारनाथ से 100 किलोमीटर की दूरी पर है. नेगी ने बताया कि बाढ़ के बाद ऊपर से दिखाई दे रहे शवों को तो हटा दिया गया है, लेकिन गाद के नीचे दबे शवों को निकालना काफी कठिन है. नेगी ने बताया कि इससे पहले खराब मौसम और हेलीपैड के टूट जाने के कारण खुदाई करने वाली मशीनों को ले जाने में देरी हुई. शवों को सड़ने तथा इसके कारण संक्रमण एवं बीमारी को फैलने से बचाने के लिए अधिकारियों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में कई टन ब्लीचिंग पाउडर तथा संक्रमण-रोधी पदार्थो का छिड़काव करवाया है.

छिड़काव हेलीकॉप्टर के जरिए भी किए गए. मंत्री ने बताया, हमने पीने के पानी को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को फ्लोराइड की लाखों गोलियां भी उपलब्ध करवाईं. नेगी ने बताया कि बाढ़ की तबाही झेल चुके इलाकों में अब किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें नहीं रह गई हैं. उत्तराखंड के कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने माना है कि त्रासदी के शिकार हुए लोगों की मदद के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. हरक सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर तबाही मची है और उनके सरकार के सामने बड़ी चुनौती है. हरक सिंह रावत ने राज्यों से अपील की है कि वो अपने लोगों को उचित मुआवाज दें. उत्तराखंड के कृषि मंत्री ने स्वंय सेवी संस्थाओं से गांवों को गोद लेने की भी अपील की है. महाविनाश के एक महीने बाद भी दिल्ली के करीब 219 लोगों का अब तक कोई पता नहीं चला है. दिल्ली सरकार के मुताबिक वो उत्तराखंड सरकार के लगातार संपर्क में है और लापता लोगों के बारे में सूचना इक्टठा कर रही है. दिल्ली के मयूर विहार से केदारनाथ की यात्रा पर गए एक परिवार के चार लोग अब भी लापता हैं. नौटियाल परिवार से चार धाम की यात्रा पर गए एक शख्स की केदारनाथ में मौत हो गई थी और तीन सदस्य ही घर लौट पाए थे. उत्तराखंड पर एक बार फिर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा है कि कई जगहों पर 7 से लेकर 13 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है. भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग की चेतावनी मिलने के बाद प्रशासन ने कई जगहों पर अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने को कहा है.





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