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नीतीश ने तोड़ी चुप्पी, बोले- विपक्ष ने जहर देकर बच्चों को मार डाला
बिहार के सारण जिले के मसरक प्रखंड के नवनिर्मित प्राथमिक विद्यालय धरमसती, डंडामन में मिड-डे मील खाने के कारण 23 बच्चों की मौत के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ दी है। नीतीश ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि पूरे मामले के लिए विपक्ष जिम्मेदार है। गौरतलब है कि हादेस के बाद नीतीश पर आरोप लग रहा था कि वो न तो बच्चों को देखने धरमसती गांव पहुंचे, नहीं वो पीएमसीएच में बच्चों को देखने पहुंचे थे। पटना में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि धरमसती गांव में मिड-डे मील हादसे के लिए विपक्ष जिम्मेदारा है। साथ ही उन्होंने जेडीयू कार्यकर्ताओं से कहा कि विपक्ष किसी तरह की साजिश कर सकता है। इसलिए वो तैयार रहें। बीजेपी-जेडीयू में वाकयुद्ध शुरू मालूम हो क धरमसती हादसे के बाद बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू तथा बीजेपी के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था। विपक्ष ने हादसे के विरोध में सारण बंद की घोषणा की थी और बंद के दौरान विभिन्न स्थानों पर टायर जलाकर सड़क मार्ग अवरुद्घ कर दिया था तथा रेल यातायात भी बाधित किया था। सीएम पर लापरवाही का केस छपरा जहरीले मिड-डे मील केस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। छपरा के सीजेएम कोर्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिक्षा मंत्री पी के शाही और इलाके के डीएम अभिजीत सिन्हा के खिलाफ लापरवाही बरतने की शिकायत दर्ज की गई है। प्रिंसिपल के खिलाफ गैरजमानती वारंट उधर, स्कूल की फरार प्रिंसिपल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। आरोपी प्रधानाध्यापिका अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस हालांकि, उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानाध्यापिका ने विभागीय आदेश का खुला उल्लंघन किया है। खाना बनने के दौरान उन्होंने न सही तरीके से निगरानी की और न ही बच्चों को भोजन परोसने के पहले उसे चखा। प्रधानाध्यापिका को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है। बच्चों को दिए गए मिड-डे मील में था जहर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों को मिड डे मील के दौरान दिए गए चावल या फिर सोयाबीन की सब्जी में जहर मिला हुआ था। मुमकिन है कि खाना बनाने वाले तेल में ही जहर मिला हुआ था। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये पता नहीं चल पाया है कि कौन सा जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। डॉक्टरों के मुताबिक विसरा की जांच के बाद ही जहरीले पदार्थ की जानकारी मिल पाएगी। प्रिंसिपल, रसोइये चखेंगे मिड-डे मील बिहार के सारण जिले के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील खाने से 23 मासूमों की मौत के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील को पहले विद्यालय के प्रधानाध्यापक और रसोइया को चखने का निर्देश दिया है। बिहार से प्रकाशित सभी मुख्य दैनिक समाचार पत्रों में गुरुवार को शिक्षा विभाग द्वारा इस संदर्भ में विज्ञापन जारी कर यह निर्देश दिया गया है। विज्ञापन में विभाग के प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा द्वारा कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में खराब गुणवता की सामग्री या संदेहास्पद सामग्री का इस्तेमाल भोजन बनाने में नहीं किया जाए। हालांकि शिक्षा विभाग इसके पूर्व भी इस तरह के निर्देश विद्यालयों के लिए जारी कर चुका है।



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